
■ *महाबोधी मंदिर में स्थापित की गयी सौर्य पैनल*
ऊर्जा संरक्षण और बिजली खर्च में कटौती के लिए महाबोधि मंदिर परिसर और बीटीएमसी कार्यालय भवन में सौर पैनल लगाए गए हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा :- नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के तहत सौर पैनल सौर ऊर्जा का उपयोग करते हैं। यह एक स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, जो गैर-नवीकरणीय संसाधनों पर निर्भरता को कम करता है।
लागत बचत :- सौर पैनल सूर्य के प्रकाश से मुफ्त ऊर्जा उत्पन्न करके, दीर्घकालिक वित्तीय लाभ प्रदान करके बिजली बिल को काफी कम कर दिया है।
पर्यावरणीय प्रभाव :- सौर पैनल स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करते हैं, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करता है और जलवायु परिवर्तन को कम करने और पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देने में मदद करता है।
*पथ निर्माण विभाग*
*वर्ष 2024 में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का कार्य गया जिले में बड़े पैमाने पर किए गए हैं। जिसका लाभ आने वाले वर्षों में गया जिला वासियों को भरपूर मिलेगा।*
पथ निर्माण विभाग द्वारा बोधगया के सक्सेना मोड़ से sakyamuni कॉलेज तक एवं कटोरवा रामान्य भूमि से जय हिंद पब्लिक स्कूल तक लगभग 3 किलोमीटर सड़क का निर्माण एवं सड़क चौड़ीकरण करवाया गया है, जिससे बोधगया में आने वाले विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा।
सिकरिया मोड़ से होते हुए ota 5 नंबर गेट से गया बोधगया में सड़क डीएवी कैंट एरिया होते हुए nh 83 दो मुहान तक सड़क चौड़ीकरण करवाया गया है। यह सड़क काफी महत्वपूर्ण सड़क है जो गया से बोध गया होते हुए डोभी चली जाती है इस सड़क पर ट्रैफिक का काफी दबाव देखा गया है जिसके फल स्वरुप सड़क चौड़ीकरण महसूस की गई और इसे पूरा करवाया गया है। भविष्य में उक्त सड़क पर सोलर स्ट्रीट लाइट से पूरे रास्ते को जगमगाया जाएगा।
*भवन निर्माण विभाग*
भवन निर्माण विभाग द्वारा भी गया जिले में बड़े पैमाने पर इस वर्ष कार्य किए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से बिपार्ड के समीप एसडीआरएफ का चार मंजिला कार्यालय भवन का निर्माण किया गया है। इस कार्यालय भवन का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी आपदा के लिए दूसरे जिलों से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया जाता था, जिसमें थोड़ी समय विलंब हो जाती थी, अब गया में एसडीआरएफ की टीम उपलब्ध रखने की व्यवस्था रखी गई है ताकि गया जिला के साथ-साथ गया जिला के सीमावर्ती जिलों को भी आपदा संबंधित भरपूर मदद मिल सकेगी।
*भूअर्जन विभाग*
*भारतमाला परियोजना (119D) आमस से दरभंगा*
(1) भारतमाला परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग की एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजना है जो गया जिला अन्तर्गत आम प्रखण्ड से आरम्भ होकर गुरूआ, परैया, गुरारू, टेकारी एवं बेलागंज प्रखण्ड के शिवरामपुर होकर दरभंगा तक जायेगी। इस जिला में 55 कि०मी० का Stretch है। लगभग 90 प्रतिशत का कार्य पूर्ण हो चुका है। यह मार्ग अपने आप में व्यापारिक, आर्थिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है। बिहार में उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग में से एक है। इस क्षेत्र में आम लोगों के लिए विकास के अबतक प्राप्त राशि-272.40 करोड़ रू० में से 214.295 रू0 2794 रैयतों का भुगतान किया जा चुका है। एवं भुगतान की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। यह व्यापारिक एवं आर्थिक दृष्टिकोण से राज्य की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
*NH-82 परियोजना (गया-हिसुआ-राजगीर-बिहारशरीफ)*
(2) यह परियोजना गया जिला में 36.87 कि०मी० सदर अंचल के मौजा-पहाड़पुर से प्रारम्भ होकर अंचल मानपुर एवं वजीरगंज के मौजा जमुआवा तक जाती है। योजना पूर्ण हो चुकी है। यह गया-हिसुआ-राजगीर एवं बिहारशरीफ को जोड़ता है। गया से बिहारशरीफ तक जाने में मात्र 1.30 से 2.00 घंटे का समय लगता है। यह मुख्य पर्यटक स्थलो को जोडता है। यह राष्ट्रीय राजपथ की एक महत्वपूर्ण परियोजना है जो गया को हिसुआ-राजगीर-बिहारशरीफ तक जाती है। यह पथ पर्यटन की दृष्टि से भी महत्पूर्ण है, क्योंकि इससे राजगीर तथा बिहारशरीफ के अन्य पर्यटक स्थलों पर पहुँच सुगम हुआ है। NH-82 का कार्य पूर्ण हो चुका है।
*NH-83 परियोजना (पटना-गया-डोभी)*
(3) यह परियोजना राजधानी पटना को गया तथा अन्य श्रेणी से जोड़ने तथा आसान पहुँच उपलब्ध कराने की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण और जन उपयोगी है। यह सड़क परियोजना डोभी NH-02 जो जुड़कर बोधगया, बेलागंज, जहानाबाद होकर पटना तक जाती है। गया से पटना तक का सफर मात्र 02 घंटे से भी कम समय में तय कर ली जाती है। इस सड़क का काम वर्ष-2024 में पूर्ण कर लिया गया है।
*NH-02 परियोजना (बरवाअड्डा से चोरदाहा)*
(4) यह परियोजना पुराने NH-02 चार लेन परियोजना को छः लेन करने की परियोजना है। गया जिला अन्तर्गत इसके दो पैकेज है। पैकेज 1, पैकेज 2, पैकेज-1 आमस से शेरघाटी और पैकेज 2 शेरघाटी ने बाराचट्टी तक है। वर्ष 2024 में पैकेज 2 का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब पैकेज-1 का कार्य प्रारम्भ किया जाना है।
इस परियोजना के पूर्ण होने से आम जन के आवागमन पहले से अधिक सुगम होगें। यह परियोजना NH-02 (औरंगाबाद से चोरवाहा) परियोजना का कार्य प्रगति पर है। उक्त परियोजना जो आमस, शेरघाटी, डोभी, बाराचट्टी अंचल से गुजरते हुये बिहार झारखंड की सीमा से लगती है। इसका इस जिला में कुल- Stretch 69.827 कि०मी० है। इसके 52 Hindrance Point का समाधान कर लिया गया है। लगभग 95 प्रतिशत कार्य सम्पन्न हो चुका है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली एवं कोलकाता को जोड़ती है। यह एक आधारभूत संरचना है।
*AKIC परियोजना (अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर)*
(5) यह परियोजना NH-02 दिल्ली-कोलकाता मुख्य मार्ग पर अवस्थित है। इस जिला के डोभी प्रखंड के मौजा-खराँटी, गांगी, लेम्बोगड़ा, सुगासोत, बरिया, इनवोरवा, मसौन्धा, गम्हरिया, गाजीचक, बभनदेव, वनवासी, मंगरूचक, किशोरिया में 1670.22 एकड़ में फैला है। अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है। यह परियोजना बिहार का एकमात्र औद्यौगिक कोरिडोर है। इस परियोजना के तहत इस क्षेत्र को औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल गया जिले का आपितु सम्पूर्ण बिहार राज्य और देश के विकास करने एवं रोजगार सृजन में अहम् भूमिका निभायेगा। यह परियोजना गया जिला न केवल पूरे बिहार के लिए काफी वरदान साबित हो रहा है।
*DFCCIL परियोजना ECR डेहरी ऑनसोन, ECR*
(6) यह परियोजना रेलवे की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। जिसमें ecr डेहरी आनसून ecr चौपन 42 कि०मी० रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है। DFCCIL के तहत रेलवे ट्रैक का कार्य फतेहपुर, मानपुर, चन्दौती (सदर गया), परैया एवं गुरारू अंचल होते हुये कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के तहत् कोलकाता-दिल्ली की ओर जाने वाली ग्रेडकॉर्ड लाईन में एक अतिरिक्त ट्रेक तैयार किया जा रहा है. जिससे माल ढुलाई शीघ्र और आसान होगी। उद्योग-धन्धो के काम में तेजी आएगी तथा यात्रियों का आवागमन भी पहले से बेहतर होगा। इस परियोजना के तहत रेलवे क्रॉसिंग को बंद करके रेलवे अंडर पास एवं रेलवे ओवर ब्रिज का भी निर्माण किया जा रहा है, LC (Level Crossing)- 6, 9, 12, 13, 14 एवं 15 में RUB का कार्य प्रगति पर है। इसमें पड़ने वाले अवरोधों को जिला प्रशासन के सहयोग से हटाकर कार्य प्रगति पर है। लगभग 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिससे आम जनता को काफी फायदा होगा तथा दृर्घटनाओं में भी काफी कमी आएगी।
*जल संसाधन विभाग*
जिला पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2024 का पितृपक्ष मेला भी काफी यादगार रहा है। वर्ष 2024 में 22 लाख से अधिक तीर्थ यात्रियों ने पितृपक्ष मेला के दौरान गया जी आए थे। माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश के आलोक में तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए हर वर्ष नए-नए कार्य किया जा रहे हैं। वर्ष 2024 में विष्णुपद मंदिर तक वैकल्पिक पहुँच पथ, तटबंध सुरक्षात्मक तथा एकीकृत जल निकासी का कार्य योजना तैयार किया गया और उसे पितृपक्ष मेला के पहले पूर्ण कर दी गई। गया जी डैम के पश्चिमी छोर में सीता पथ की तर्ज पर विष्णु पथ का निर्माण कराया गया है और बाईपास पुल से सीधे मंदिर तक पहुंच हेतु एक कॉरिडोर का भी निर्माण करवाया गया है। जिसका लाभ इस वर्ष तीर्थ यात्रियों ने काफी भरपूर उठाया है।
2) “हर खेत तक सिंचाई का पानी” योजना के तहत विभिन्न नहरों का पुनर्स्थापन कार्य :- मुख्यमंत्री सात निश्चय पार्ट-2 के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी योजनान्तर्गत वर्ष 2024 में 8 अद्द योजनाओं का कार्य पूर्ण कराया गया है। इसमें लोअर मोरहर सिंचाई योजना के अन्तर्गत मुख्य नहर के 27.5 कि०मी लंबाई में नहर पुनर्स्थापन कार्य कराया गया है, ताकि समुचित सिंचाई सुविधा बहाल की जा सके। इससे टेकारी, गुरारू, परैया, कोंच प्रखंड लाभान्वित होगें।
इसके अलावे करमौनी शाखा नहर में कुल 14.40 कि०मी० लंबाई में तथा अपर मोरहर सिंचाई योजना के तहत पुराना डुमरा वितरणी में कुल 11.46 कि०मी० लम्बाई मे नहर पुनर्स्थापन कार्य संपन्न कराया गया है। इससे डोभी, तथा गुरारू प्रखंड लाभान्वित होगा।
लोअर मोहर सिंचाई योजना अंतर्गत नीरा शाखा नहर के पुनर्स्थापना कार्य एवं जीर्णोद्धार कार्य वर्ष 2024 में पूर्ण कर ली गई है। इस योजना से फसल उत्पादकता में वृद्धि, जल प्रबंधन में सुधार एवं भूजल स्तर में वृद्धि निश्चित तौर पर देखी जाएगी।
*पूल निर्माण विभाग*
पुल निर्माण विभाग द्वारा विष्णुपद के नजदीक कोरला अस्पताल में यात्री धर्मशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ कर लिया गया है। और काफी तेजी से कार्य भी किया जा रहा है ताकि तय समय सीमा के अंदर यात्री धर्मशाला का निर्माण कार्य पूर्ण हो सके।
त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट डिवीज़न हेड गया
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